Mai Gunaho Me Lipta Huaa Tha मैं गुनाहों में लिपटा हुआ थाBy barafsainath@gmail.com / May 5, 2026 मैं गुनाहों में लिपटा हुआ था (मैं गुनाहों में लिपटी हुई थी) तेरे लहू ने मुझे धो दिया है -2 आज तक जो किसी ने किया न मेरे यीशु वो तूने किया है -2 हर तरफ था गहरा समंदर ज़िन्दगी में था गम का अँधेरा तेरे क़दमों की आहट सुनी तो बंद आँखों ने देखा सवेरा -2 तेरे वचनों की ज्योति ने यीशु -2 काली रातों को रौशन किया है मैं गुनाहों में… जान की थी जो दुखों ने ऐसी दो कदम भी चलना था भारी ज़िन्दगी जैसे रुक सी गई थी हर तरफ ऐसी छाई लाचारी -2 अब हवाओं में उड़ने लगा हूँ -2 (अब हवाओं में उड़ने लगी हूँ) तेरा दामन जब से छुआ है मैं गुनाहों में… जबसे तू मिल गया है यहोवा मुझे फिर से नया बल मिला है जो हर पल उछलता रहेगा मुझे जीवन का वो जल मिला है -2 तूने मेरे गुनाहों का प्याला -2 कलवरी पे खुदावंद पीया है मैं गुनाहों में…